
आज 29 अप्रैल बुधवार 2026 को नगर निगम मुरादाबाद के माननीय सदन में आज एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विचार करते हुए हाल के दिनों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा घायल अथवा बीमार गौवंश को लेकर निगम कंट्रोल रूम एवं गौशालाओं पर अनावश्यक दबाव एवं उपद्रव करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की गई।
सदन के संज्ञान में लाया गया कि बीमार एवं घायल पशुओं के उपचार की संपूर्ण जिम्मेदारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) की होती है, जबकि नगर निगम का दायित्व केवल निराश्रित गौवंश को गौशाला में आश्रय प्रदान करना है। निगम की गौशालाएं उच्च गुणवत्ता मानकों पर संचालित हैं, जिसकी प्रशंसा स्वयं माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की जा चुकी है तथा यह प्रदेश की प्रथम आईएसओ प्रमाणित गौशाला है।
सदन में यह भी अवगत कराया गया कि हाल ही में एक अराजक तत्व द्वारा बीमार गौवंश को लेकर कोतवाली में भ्रामक तहरीर दी गई, जो न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास है, बल्कि नगर निगम की छवि को धूमिल करने का भी प्रयास है।
इस पर माननीय सदन के समस्त सदस्यों एवं कर्मचारियों द्वारा निम्नलिखित निर्णय एवं कार्यवाही हेतु प्रस्ताव पारित किया गया:
संबंधित व्यक्ति/गिरोह के विरुद्ध तत्काल मुकदमा पंजीकृत कराने की संस्तुति
जिलाधिकारी मुरादाबाद को प्रस्ताव प्रेषित कर ऐसे कृत्यों पर सख्त निगरानी एवं कार्रवाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध
भविष्य में यदि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा अपने विभागीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया जाता है, तो इस विषय को माननीय महापौर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री तक अवगत कराने का निर्णय उक्त प्रस्ताव को माननीय सदन सदस्यों द्वारा ध्वनि मत से सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सदन ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कृत्य न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि नगर निगम की सकारात्मक छवि एवं जनहित में किए जा रहे कार्यों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिसकी घोर निंदा की जाती है। नगर निगम मुरादाबाद सभी नागरिकों से अपील करता है कि गौवंश से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान हेतु संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करें तथा भ्रामक एवं अव्यवस्थित तरीके अपनाने से बचें।



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