जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश।
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने मुरादाबाद में अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग अथवा अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहनों तथा परिवहन मानकों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन एवं माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग तथा पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बिना नंबर प्लेट, अस्पष्ट (Smudged) नंबर प्लेट, क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट अथवा बॉडी एक्सटेंशन वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से नियमित जांच अभियान संचालित करेंगे तथा ऐसे वाहनों को चिन्हित कर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में यह भी निर्देश दिए कि खनिज स्रोत स्थलों एवं लोडिंग प्वाइंट्स पर निर्धारित लोडिंग मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए। वाहन अधिनियम एवं खनन नियमों के अनुरूप ही खनिज परिवहन की अनुमति दी जाए। यदि किसी वाहन में ओवरलोडिंग अथवा अवैध परिवहन पाया जाता है तो वाहन के साथ-साथ संबंधित स्रोत स्थल, लोडिंग प्वाइंट अथवा संचालक के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन अथवा ओवरलोडिंग में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले वाहन स्वामियों एवं परिवहनकर्ताओं का पृथक अभिलेख तैयार किया जाए। ऐसी पुनरावृत्ति करने वाले व्यक्तियों (Repeat Offenders) को चिन्हित कर उनके विरुद्ध संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के प्रावधानों के अंतर्गत उन्हें ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
माह मई में प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर राजस्व जमा कराया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी खनन पट्टों एवं परमिट क्षेत्रों में स्रोत स्तर पर ही ओवरलोडिंग रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए तथा निर्धारित भार सीमा का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
संयुक्त प्रवर्तन दलों की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस, परिवहन, वन एवं खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा गठित टास्क फोर्स को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त निरीक्षण, आकस्मिक जांच एवं सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए।
बैठक में पर्यावरणीय एवं खनन संबंधी शर्तों के अनुपालन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पर्यावरणीय स्वीकृतियों, खनन योजनाओं तथा पट्टा एवं परमिट की शर्तों का पूर्ण पालन सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी दशा में नदी की जलधारा में खनन न होने पाए तथा प्रतिबंधित मशीनों के उपयोग अथवा अन्य किसी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
लंबित वादों एवं परिवादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में परिवाद दर्ज हैं, उनका शीघ्र निस्तारण कराया जाए तथा नियमित समीक्षा कर प्रगति का अनुश्रवण किया जाए।
बैठक में जनपद की सीमाओं पर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्णय भी लिया गया। प्रमुख प्रवेश मार्गों पर निगरानी चौकियों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इन चौकियों पर कैमरा, डिस्प्ले स्क्रीन तथा सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था स्थापित करने की कार्रवाई जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (DMF) के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी, जिससे खनिज परिवहन एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
अवैध रूप से संचालित अथवा जब्त किए गए वाहनों के सुरक्षित संरक्षण हेतु प्रत्येक तहसील में न्यूनतम दो सुरक्षित स्थलों का चयन किए जाने के निर्देश दिए। चयनित स्थलों पर आवश्यकतानुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से घेराबंदी कराई जाएगी, जिससे जब्त वाहनों को सुरक्षित रखा जा सके।
बैठक में उच्च सुरक्षा नंबर प्लेट (HSRP) के सत्यापन पर भी विशेष बल दिया गया। निर्देश दिए गए कि सभी वाणिज्यिक एवं खनिज परिवहन में प्रयुक्त वाहनों पर दोनों ओर स्पष्ट एवं मानकानुसार नंबर प्लेट स्थापित होनी चाहिए। मानकों के विपरीत पाए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग से संबंधित विषयों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मंडल के वन क्षेत्रों में खैर, साल, सागौन एवं शीशम जैसी बहुमूल्य लकड़ियों के अवैध कटान, अवैध खनन एवं शिकार की घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। वन विभाग को सीमावर्ती एवं संवेदनशील चौकियों पर पर्याप्त कार्मिक तैनात कर नियमित जांच एवं निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग, पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन तथा राजस्व क्षति से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतत प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की नियमित सूचना उपलब्ध कराई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट सुश्री शक्ति दुबे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती ममता मालवीय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीमती संगीता गौतम सहित संभागीय परिवहन अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, खान अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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