


मुरादाबाद– उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के दर्दनाक हादसे ने समस्त उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद अब यूपी का पूरा प्रशासनिक अफसर नींद से जाग गए हैं । यूपी सरकार के सख्त निर्देशों के बाद हर जिले में अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद मुरादाबाद विकास प्राधिकरण हुआ सतर्क और सख्त
जनपद मुरादाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह भी इस घटना को लेकर लापरवाह और मानकों के विपरीत चल रहे संस्थानों पर सख्त रुख अपना रहे हैं जिसके चलते
शहर की जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एमडीए ने मानकों को ताक पर रखकर चल रही इमारतों पर अपनी कार्यवाही शुरू कर दि है।
इस अभियान के अंतर्गत एमडीए की कार्यवाही का शिकार मुरादाबाद का दीपा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर पर हुआ है। जिसकी प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस अस्पताल के निर्माण और संचालन में नियमों ताक पर रखा जा रहा था। जैसे ही एमडीए की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, तो जांच में कई खामियां सामने आई । जिसके बाद प्राधिकरण की टीम के द्वारा इस अस्पताल पर सील लगाने की कार्यवाही की गई । बताया जा रहा है कि इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से शहर के बाकी अवैध निर्माणकर्ताओं और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले संस्थान संचालकों में तेजी से खोफ पनपने लगा है ।
प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड ने साबित कर दिया कि सुरक्षा मानकों से जरा सा भी समझौता नही किया जाना चाहिए क्योंकि यह जानलेवा हादसे के कारण सबब बन सकता है। मुरादाबाद में जब प्राधिकरण की टीम दीपा हॉस्पिटल पहुंची, तो उन्होंने सबसे पहले बिल्डिंग के स्वीकृत नक्शे और दूसरे जरूरी दस्तावेजों की जांच की। जहाँ सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन के पास न तो जरूरी स्वीकृति थीं और न ही भवन निर्माण के नियमों का पालन किया गया था। मानकों के उल्लंघन को देखते हुए अधिकारियों ने बिना कोई वक्त गंवाए सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दे डाला। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के कारण कोई कार्रवाई का विरोध भी नही कर पाया जिससे एमडीए टीम की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से निपट गई। दीपा अस्पताल पर की गई कारवाही के बाद से शहर के बहुत से संस्थान बाले उन लोगो में हड़कंप का माहौल पनपने लगा है जो नियमों को दरकिनार कर अपना कारोबार चला रहे हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यह सिर्फ एक शुरुआत भर है। आने वाले दिनों में ऐसे तमाम कोचिंग सेंटर, बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और स्कूल रडार पर होंगे, जो पार्किंग व्यवस्था,अग्निशमन सुरक्षा और आपातकालीन निकास जैसे जरूरी मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुरादाबाद के कई तंग और घने इलाकों में ऐसे अस्पताल और कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जहां किसी अनहोनी के वक्त दमकल की गाड़ी का पहुंचना भी लगभग सम्भव नही हो पायेगा । एमडीए के द्वारा की गई इस कार्यवाही के बाद बहुत से संस्थानों और संस्थाओं ने अपने यहां अग्निशमन विभाग के उपकरण ऑन और उसके मानकों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया हैं जिससे कि इस प्रकार की कार्यवाही से बचा जा सके ।

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